Sc Allowed Former Driver Of Dera Chief To Depose Afresh In The Murder Cases - डेरा प्रमुख को Sc से झटका, डबल मर्डर केस में ड्राइवर फिर करा सकेगा बयान दर्ज - Only Hit Lyrics

Sc Allowed Former Driver Of Dera Chief To Depose Afresh In The Murder Cases - डेरा प्रमुख को Sc से झटका, डबल मर्डर केस में ड्राइवर फिर करा सकेगा बयान दर्ज

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ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली 
Updated Sat, 05 May 2018 04:28 AM IST



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पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पूर्व ड्राइवर को फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दे दी है।  

न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को डेरा प्रमुख की पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने ड्राइवर खट्टा सिंह को दोहरे हत्या में फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दी थी।  

इससे पहले डेरा प्रमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ के समक्ष कहा कि खट्टा सिंह ने वर्ष 2012 में सीबीआई के समक्ष बयान दिया था कि उसे राम रहीम के खिलाफ बयान देने का दबाव डाला जा रहा है। 

खट्टा सिंह कह चुका है कि इन मामलों में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में उसे दोबारा बयान दर्ज कराने की अनुमति न दी जाए। लेकिन पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले मं दखल देने से इनकार किया।



पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और डेरा समर्थक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के पूर्व ड्राइवर को फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दे दी है।  


न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को डेरा प्रमुख की पंजाब एवं हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने ड्राइवर खट्टा सिंह को दोहरे हत्या में फिर से बयान दर्ज कराने की इजाजत दी थी।  

इससे पहले डेरा प्रमुख की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पीठ के समक्ष कहा कि खट्टा सिंह ने वर्ष 2012 में सीबीआई के समक्ष बयान दिया था कि उसे राम रहीम के खिलाफ बयान देने का दबाव डाला जा रहा है। 

खट्टा सिंह कह चुका है कि इन मामलों में डेरा प्रमुख की भूमिका के बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में उसे दोबारा बयान दर्ज कराने की अनुमति न दी जाए। लेकिन पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले मं दखल देने से इनकार किया।





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